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हनुमान अष्टमी - वैदिक सागर

हनुमान अष्टमी 


  • धर्म ग्रंथों के अनुसार,पौष मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी को हनुमान अष्टमी का पर्व मनाया जाता है। इस बार ये पर्व 10 दिसंबर,रविवार को है। मान्यता के अनुसार,इस दिन हनुमानजी को चोला चढ़ाने व कुछ विशेष उपाय करने से हर बिगड़ा काम बन जाता है और साधक पर हनुमानजी की विशेष कृपा होती है। इस दिन हनुमानजी को प्रसन्न करने के लिए क्या उपाय करें और किस प्रकार चोला चढ़ाएं,जानिए-

ऐसे चढाएं हनुमानजी को चोला 


  •  हनुमानजी को चोला चढ़ाने से पहले स्वयं स्नान कर शुद्ध हो जाएं और साफ वस्त्र धारण करें। सिर्फ लाल रंग की धोती पहने तो और भी अच्छा रहेगा। चोला चढ़ाने के लिए चमेली के तेल का उपयोग करें। साथ ही,चोला चढ़ाते समय एक दीपक हनुमानजी के सामने जला कर रख दें। दीपक में भी चमेली के तेल का ही उपयोग करें।
  • चोला चढ़ाने के बाद हनुमानजी को गुलाब के फूल की माला पहनाएं और केवड़े का इत्र हनुमानजी की मूर्ति के दोनों कंधों पर थोड़ा-थोड़ा छिटक दें। अब एक साबुत पान का पत्ता लें और इसके ऊपर थोड़ा गुड़ व चना रख कर हनुमानजी को भोग लगाएं। भोग लगाने के बाद उसी स्थान पर थोड़ी देर बैठकर तुलसी की माला से नीचे लिखें मंत्र का जप करें। कम से कम 5 माला जप अवश्य करें।

 मंत्र-राम रामेति रामेति रमे रामे मनोरमे।

सहस्त्र नाम त तुल्यं राम नाम वरानने।।

  • अब हनुमानजी को चढ़ाए गए गुलाब के फूल की माला से एक फूल तोड़ कर,उसे एक लाल कपड़े में लपेटकर अपने धन स्थान यानी तिजोरी में रखें। इससे धन संबंधी समस्या हल होने के योग बनने लगेंगे।

 हनुमानजी को चढ़ाएं पान 

  •  हनुमान अष्टमी पर हनुमानजी को एक विशेष पान अर्पित करें। इस पान में केवल कत्था, गुलकंद, सौंफ, खोपरे का बुरा और सुमन कतरी डलवाएं। पान बनवाते समय इस बात का ध्यान रखें कि उसमें चूना एवं सुपारी नहीं हो। इस पान में तंबाकू भी नहीं होनी चाहिए। हनुमानजी का विधि-विधान से पूजन करने के बाद यह पान हनुमानजी को यह बोलकर अर्पण करें- हे हनुमानजी। आपको मैं यह मीठा रस भरा पान अर्पण कर रहा हूं। आप भी मेरा जीवन मिठास से भर दीजिए। हनुमानजी की कृपा से कुछ ही दिनों में आपकी हर समस्या दूर हो जाएगी।

करें बड़ के पेड़ का उपाय


  • रविवार की सुबह स्नान करने के बाद बड़ (बरगद) के पेड़ का एक पत्ता तोड़ें और इसे साफ स्वच्छ पानी से धो लें। अब इस पत्ते को कुछ देर हनुमानजी की प्रतिमा के सामने रखें और इसके बाद इस पर केसर से श्रीराम लिखें। अब इस पत्ते को अपने पर्स में रख लें। साल भर आपका पर्स पैसों से भरा रहेगा। अगली होली पर इस पत्ते को किसी नदी में प्रवाहित कर दें और इसी प्रकार से एक और पत्ता अभिमंत्रित कर अपने पर्स में रख लें।

 घर में स्थापित करें पारद हनुमान


  •  रविवार को अपने घर में पारद से बनी हनुमानजी की प्रतिमा स्थापित करें। पारद को रसराज कहा जाता है। पारद से बनी हनुमान प्रतिमा की पूजा करने से बिगड़े काम भी बन जाते हैं। पारद से निर्मित हनुमान प्रतिमा को घर में रखने से सभी प्रकार के वास्तु दोष स्वत: ही दूर हो जाते हैं, साथ ही घर का वातावरण भी शुद्ध होता है। प्रतिदिन इसकी पूजा करने से किसी भी प्रकार के तंत्र का असर घर में नहीं होता और न ही साधक पर किसी तंत्र क्रिया का प्रभाव पड़ता है। यदि किसी को पितृदोष हो, तो उसे प्रतिदिन पारद हनुमान प्रतिमा की पूजा करनी चाहिए। इससे पितृदोष समाप्त हो जाता है।

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