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सकारात्‍मक ऊर्जा बनाए रखने के लिए घर में मंदिर का उचित स्‍थान पर होना भी बहुत जरूरी है - वास्तु ज्ञान - वैदिक सागर

पूजा-पाठ से मन को शांति मिलती है लेकिन रोजाना मंदिर जाना मुमकिन नहीं हो पाता. ऐसे में अक्सर लोग घर में ही मंदिर स्थापित करते हैं. सुख शांति और सकारात्‍मक ऊर्जा बनाए रखने के लिए घर में मंदिर का उचित स्‍थान पर होना भी बहुत जरूरी है.


अगर आप शुभ फल पाने की इच्‍छा रखते हैं और अपने घर-परिवार पर प्रभु की कृपा दृष्टि बनाए रखना चाहते हैं तो घर में मंदिर के कुछ जरूरी नियमों और बातों का ध्‍यान जरूर रखें. आइए जानें क्‍या हैं वे जरूरी बातें...

1. वास्‍तु के हिसाब से पूजा घर हमेशा पूर्व या उत्‍तर दिशा में ही होना चाहिए.
2. मंदिर का पश्चिम या दक्षिण दिशा में होना अशुभ फलों का कारण बन सकता है.
3. घर में मंदिर या पूजाघर के ऊपर या आस-पास में शौचालय नहीं होना चाहिए.
4. मंदिर को रसोईघर में बनाना भी वास्‍तु के हिसाब से उचित नहीं माना जाता है.
5. अगर मंदिर में एक ही भगवान की दो तस्‍वीरें हैं तो उन्‍हें आमने-सामने न रखें.
6. भगवान की मूर्तियों को एक-दूसरे से कम से कम 1 इंच की दूरी पर रखें.
7. एक ही घर में कई मंदिर न बनाएं वरना मानसिक, शारीरिक और आर्थिक समस्‍याओं का सामना करना पड़ सकता है.
8. सीढ़‍ियों के नीचे या फिर तहखाने में भूलकर भी मंदिर न बनवाएं. ऐसा करने से पूजा-अर्चना का फल नहीं मिलता.
9. घर में जहां पर मंदिर बना हो, ध्‍यान रखें कि उस ओर पैर करके नहीं सोना चाहिए.

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